आदर्श थाना मुलमुला बना अवैध महुआ शराब का गढ़, पुलिस की निष्क्रियता पर उठे सवाल

गांव-गांव पाउच में बिक रही अवैध शराब, किराना दुकानों से हो रही सप्लाई, जंगल-नदी किनारे चल रहा खुला कारोबार
मुलमुला। मुलमुला थाना क्षेत्र में भले ही इस वर्ष नई शराब दुकानें नहीं खुली हों, लेकिन अवैध महुआ शराब का धंधा खुलेआम फल-फूल रहा है। हालात यह हैं कि गांव की गलियों, नहर किनारों और सबरिया डेरों में शाम होते ही महुआ की गंध साफ महसूस की जा सकती है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि थाना क्षेत्र के आसपास ही यह अवैध कारोबार बेखौफ संचालित हो रहा है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के अनुसार, वर्षों से कुछ लोग इस धंधे में सक्रिय हैं और अब शराब को पाउच में पैक कर सप्लाई किया जा रहा है। मोबाइल फोन के जरिए ऑर्डर लेकर गांव-गांव डिलीवरी तक की जा रही है। बावजूद इसके, पुलिस की कार्रवाई केवल औपचारिक नजर आ रही है।
किराना दुकानों से मिल रहा अवैध कारोबार को बढ़ावा
नरियरा, मुलमुला, कोसा, पकरिया और बनाहिल सहित आसपास के क्षेत्रों में किराना दुकानों में सूखा महुआ आसानी से उपलब्ध है। दुकानदार पशु चारा या दवा का हवाला देकर भारी मात्रा में स्टॉक रखते हैं, जबकि हकीकत में यही महुआ अवैध शराब निर्माण का मुख्य साधन बन रहा है। प्रशासन की ढिलाई का फायदा उठाकर यह नेटवर्क लगातार मजबूत हो रहा है।
कार्रवाई के बाद भी नहीं रुका धंधा
कुछ महीने पहले शिकायतों के बाद वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण कर सख्त निर्देश दिए गए थे, लेकिन समय बीतते ही हालात जस के तस हो गए। इससे साफ है कि स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की इच्छाशक्ति की कमी है।
सोशल मीडिया पर भड़का लोगों का गुस्सा
मामले के उजागर होते ही सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स में लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि पुलिस की मौजूदगी में खुलेआम अवैध शराब कैसे बिक रही है? वहीं कुछ लोगों ने इसे समाज के लिए गंभीर खतरा बताते हुए तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दूसरे क्षेत्रों से भी पहुंच रहे ग्राहक
मुलमुला-बिलासपुर मार्ग स्थित कुटीघाट के पास सबरिया डेरा, बिलासपुर जिले की सीमा के करीब होने के कारण बाहरी क्षेत्रों के लोगों के लिए भी आसान पहुंच वाला केंद्र बन गया है। रिस्दा और मस्तूरी क्षेत्र से लोग यहां आकर आसानी से शराब खरीद रहे हैं। जंगलों में बड़े पैमाने पर उत्पादन के मामले भी सामने आ चुके हैं।
निष्कर्ष: “आदर्श” थाना पर सवाल, कब होगी सख्त कार्रवाई?
मुलमुला थाना, जिसे “आदर्श” का दर्जा प्राप्त है, वहीं अवैध गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है। अब सवाल यह है कि क्या पुलिस इस पर प्रभावी कार्रवाई करेगी या यह अवैध कारोबार यूं ही फलता-फूलता रहेगा?




