मोर गांव, मोर पानी: नवा तरिया आय के जरिया से बढ़ेगी जल संपदा और आजीविका

जांजगीर-चांपा 01 अप्रैल 2026। कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्री गोकुल रावटे के मार्गदर्शन में जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में “मोर गांव, मोर पानी अभियान” अंतर्गत वर्षा जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “नवा तरिया आय के जरिया” अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। अभियान के तहत ग्रामीणों को नवीन तालाब निर्माण के महत्व से अवगत कराते हुए ग्राम स्तर पर स्थल चयन एवं कार्ययोजना तैयार कर तालाब निर्माण कार्यों पर चर्चा की जा रही है। यह कार्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के समन्वय से संचालित किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि नवा तरिया के माध्यम से जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों, विशेषकर महिला स्व-सहायता समूहों के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे। तालाबों का उपयोग मत्स्य पालन, मेढ़ में दलहन खेती, कमल फूल उत्पादन, सरसों एवं गेहूं जैसी फसलों के उत्पादन सहित विभिन्न गतिविधियों के लिए किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत निर्मित तालाबों का उपयोग अधिकार सामुदायिक समूहों को दिए जाने का प्रावधान है, जिससे महिलाओं की आय में वृद्धि और आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित होगा। निर्देशित किया गया है कि जल संरक्षण से जुड़े कार्य जैसे कंटूर ट्रेंच, मिट्टी के बांध, परकोलेशन टैंक एवं अन्य संरचनाओं का निर्माण भी प्राथमिकता से किया जाए, जिससे भूजल स्तर में सुधार हो सके। जिले में इस अभियान के तहत सामुदायिक सहभागिता को विशेष महत्व देते हुए युवाओं, पंचायत प्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों एवं ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। नवीन वित्तीय वर्ष में इन कार्यों को वृहद स्तर पर स्वीकृति प्रदान कर शीघ्र क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं।




