हर घर जल संचय, जन भागीदारी से 1 मार्च से चलेगा विशेष जल संरक्षण महाभियान

जल संचय को जन-आंदोलन बनाने का संकल्प, हर घर तक पहुंचाने की पहल – कलेक्टर
विश्व महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने चलाया जाएगा विशेष अभियान
मोर गांव-मोर पानी से आगे बढ़ा संकल्प कलेक्टर ने की जल संचय जनभागीदारी से जल संरक्षण की अपील
जांजगीर-चांपा 26 फरवरी 2026/ कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे की अध्यक्षता में जनपद पंचायत अकलतरा, बलौदा, पामगढ़, बम्हनीडीह, नवागढ़ जनपद पंचायत अधिकारी कर्मचारी की बैठक आडिटोरियम भवन जांजगीर में आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जल संचय जन भागीदारी मोर गांव – मोर पानी अभियान को नई गति देते हुए 1 मार्च 2026 से विशेष जल संचय जन भागीदारी महाभियान चलाया जाएगा। साथ ही विश्व महिला दिवस के अवसर पर इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप देते हुए रिचार्ज पिट निर्माण, सोखता गड्ढा, रेन वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण किया जाएगा। यह अभियान सतत रूप से जागरूकता के साथ जारी रहेगा। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री गोकुल रावटे ने पीपीटी के माध्यम से जल संचय एवं जनभागीदारी के बारे में विस्तार जानकारी दी। इस दौरान जनपद पंचायत सीईओ, आर ई एस ईई , इंजीनियर, पी एच ई ईई , महात्मा गांधी नरेगा एवं पी एम आवास के ब्लॉक कॉर्डिनेटर, तकनीकी सहायक, ग्राम पंचायत सहित सचिव, रोजगार सहायक उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने कहा कि भू-जल स्तर, अनियमित वर्षा और बढ़ती जल खपत को देखते हुए यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि जल संचय, जन भागीदारी से ही मुमकिन है” और यह केवल एक नीति नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास है। अभियान के अंतर्गत सोखपिट एवं रेनवाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण सामुदायिक सहभागिता से किया जाएगा। स्थानीय समुदाय, उद्योग, शासकीय एजेंसियां एवं नागरिक मिलकर अपने-अपने स्तर पर जल संरचनाएं तैयार करेंगे। आंगनबाड़ी, स्कूल, पंचायत भवन एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे। कलेक्टर श्री महोबे ने कहा कि विश्व महिला दिवस के अवसर पर इस अभियान में विशेष रूप से महिलाओं को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल संकट का सर्वाधिक प्रभाव महिलाओं पर पड़ता है, इसलिए “जल शक्ति से ही नारी सशक्त होती है” संदेश के साथ हर घर में रिचार्ज पिट निर्माण का आह्वान किया जाएगा।
रिचार्ज पिट एक सरल, सस्ता और प्रभावी उपाय है। घर की छत से निकलने वाले वर्षा जल को पाइप के माध्यम से गड्ढे में पहुंचाकर गिट्टी, रेत और पत्थर की परतों से जमीन में समाहित किया जाता है। जल संचय हेतु जागरूकता को लेकर ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों एवं शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से रैली, कार्यशाला, दीवार लेखन और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे “मोर गांव – मोर पानी” के संकल्प को साकार करते हुए अपने घर में रिचार्ज पिट बनाएं और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाएं।




