दुर्ग के समोदा में 9 एकड़ में अफीम की अवैध खेती का खुलासा, बच्चों की जिज्ञासा से खुली पोल

होलिका दहन से पहले कंटेनर में कपास के बीच लाए गए थे बीज, खेत की सुरक्षा के लिए बाउंसर तैनात होने की भी चर्चा
दुर्ग 07 मार्च 26। दुर्ग जिले के समोदा गांव में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के खेत में अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में इसकी चर्चा हो रही है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले का खुलासा गांव के बच्चों की जिज्ञासा की वजह से हुआ।
दरअसल, होलिका दहन के लिए गांव के बच्चे लकड़ी इकट्ठा करने निकले थे। इसी दौरान वे नदी किनारे स्थित खेत में चनाबूट की तलाश में घुस गए। वहां मक्के की फसल के बीच लगे अजीब तरह के पौधे और उनके फल देखकर बच्चों को आश्चर्य हुआ। बच्चों ने कुछ फल तोड़कर गांव लाकर ग्रामीणों को दिखाया।
ग्रामीणों ने जब इन फलों की तस्वीर इंटरनेट पर सर्च की तो पता चला कि यह अफीम का पौधा है। इसके बाद सरपंच अरुण गौतम को इसकी जानकारी दी गई। सरपंच ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की और अवैध अफीम की खेती का खुलासा हुआ।
कपास के बीच कंटेनर में लाए गए थे बीज
स्थानीय लोगों के अनुसार होली के एक दिन पहले खेत में एक कंटेनर पहुंचा था। बताया जा रहा है कि कपास के बीच छिपाकर अफीम के बीज लाए गए थे। कपास की खेती के लिए राजस्थान से लोगों को बुलाने की बात भी सामने आई है। फिलहाल पुलिस ने राजस्थान के दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
खेत की सुरक्षा में लगे थे बाउंसर
ग्रामीणों का कहना है कि खेत की सुरक्षा के लिए बाउंसर तैनात किए गए थे। जिस दिन बच्चे खेत में पहुंचे थे, उस दिन गोली चलने जैसी आवाज भी सुनी गई थी। आशंका जताई जा रही है कि बच्चों को डराने के लिए फायरिंग की गई होगी। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही सुरक्षा में लगे लोग मौके से फरार हो गए।
बड़े नेटवर्क की आशंका
करीब 9 एकड़ में फैली इस खेती के पीछे बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। माना जा रहा है कि अफीम से हेरोइन जैसे नशीले पदार्थ बनाने तक की कड़ी कहीं न कहीं जुड़ी हो सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और आने वाले दिनों में बड़े खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।




