पामगढ़ से लगे उदईबंध में महानदी का दोहन: मशीनों से अवैध रेत उत्खनन, प्रशासन बेखबर

NGT नियमों की उड़ रही धज्जियां, PMGSY सड़कें हो रहीं बर्बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश
पामगढ़। पामगढ़ ब्लॉक से लगे उदईबंध गांव में महानदी पर अवैध रेत उत्खनन का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। यहां चेन माउंटेन जैसी भारी मशीनों से बेधड़क रेत की खुदाई की जा रही है, जो कि नियमों के खिलाफ है। इसके बावजूद खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता सवालों के घेरे में है।
जानकारी के अनुसार, महानदी में बड़े पैमाने पर मशीनों का उपयोग कर रेत निकाली जा रही है, जिससे नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। यह सब खुलेआम होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे अवैध खनन करने वालों के हौसले और बुलंद हो गए हैं।
वहीं, रेत से भरे हाइवा और ट्रैक्टर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की सड़कों पर लगातार दौड़ रहे हैं, जिससे करोड़ों की लागत से बनी सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो सड़कें जल्द ही पूरी तरह जर्जर हो जाएंगी। साथ ही, भारी वाहनों की आवाजाही से दुर्घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है।
इस पूरे मामले को लेकर गांव के लोगों में गहरा आक्रोश है और किसी भी समय विरोध प्रदर्शन उग्र हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
NGT नियमों की अनदेखी:
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के स्पष्ट निर्देश हैं कि नदियों से रेत खनन में चेन माउंटेन, जेसीबी जैसी भारी मशीनों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। केवल मैनुअल तरीके से सीमित मात्रा में खनन की अनुमति होती है, ताकि नदी के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखा जा सके।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में सख्त कार्रवाई करता है या फिर अवैध उत्खनन का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।




