समाधान समारोह को लेकर पामगढ़ में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, नागरिकों को दी गई निःशुल्क कानूनी सहायता एवं लोक अदालत की जानकारी

पामगढ़, 20 जून 2026। माननीय प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जांजगीर-चांपा श्री जयदीप गर्ग के निर्देशानुसार एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जांजगीर-चांपा श्री मनोज कुमार कुशवाहा के मार्गदर्शन में, माननिया न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति पामगढ़ श्रीमती शीलू केसरी के नेतृत्व में सद्भावना भवन, पामगढ़ में आयोजित तीन दिवसीय बहुउद्देशीय समाधान शिविर के अंतर्गत विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में पैरालीगल वॉलंटियर (पीएलवी) गजानंद प्रसाद कश्यप ने उपस्थित नागरिकों को आगामी 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाले “समाधान समारोह” के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आवेदक एवं अनावेदक पक्षों के मध्य आपसी सुलह और समझौते के माध्यम से विवादों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निराकरण का प्रयास किया जाता है। साथ ही निःशुल्क कानूनी सहायता की पात्रता, उसकी प्रक्रिया तथा नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 की उपयोगिता के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई।
उन्होंने यह भी बताया कि 18 जुलाई एवं 21 नवंबर 2026 को चेक बाउंस प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा, जबकि 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित होगी, जिसमें विभिन्न प्रकार के प्रकरणों का आपसी सहमति से निराकरण किया जाएगा।
कार्यक्रम में पीएलवी नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने मोटर वाहन अधिनियम, बाल विवाह निषेध, बाल श्रम उन्मूलन सहित अन्य महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए नागरिकों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया।
इस अवसर पर मनोज सिंह, त्रिलोकीचंद, डी.आर. साहू, प्रेम शंकर, श्रीमती वीणा, रामखिलावन दिनकर, दिनेश यादव, ईश्वरी बर्मन, उमेंद दिनकर, भाव सिंह, तुलसी करें, एम.एस. पाटले, रमाकांत सुमन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
विधिक जागरूकता शिविर का उद्देश्य आमजन को सुलभ एवं निःशुल्क न्याय व्यवस्था से जोड़ना तथा वैकल्पिक विवाद समाधान की प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना रहा।




