
कसडोल, 15 जुलाई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) कसडोल इकाई ने शासकीय दौलतराम शर्मा स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कसडोल में जनभागीदारी शुल्क में की गई वृद्धि का विरोध करते हुए जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष के नाम प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। परिषद ने विद्यार्थियों से लिए जा रहे ₹800 जनभागीदारी शुल्क को अत्यधिक बताते हुए इसे तत्काल कम करने की मांग की।
ज्ञापन में एबीवीपी ने कहा कि महाविद्यालय में अध्ययनरत अधिकांश विद्यार्थी ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। ऐसे में जनभागीदारी शुल्क में बढ़ोतरी उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन रही है, जिससे कई विद्यार्थियों के प्रवेश और नियमित अध्ययन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। परिषद ने छात्रहित को ध्यान में रखते हुए शुल्क निर्धारण पर पुनर्विचार कर इसे तत्काल कम करने की मांग की।
इस दौरान एबीवीपी के जिला संयोजक मलय साहू ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक विद्यार्थी का मौलिक अधिकार है और आर्थिक अभाव किसी भी छात्र की पढ़ाई में बाधा नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हमेशा छात्र-हितों की आवाज़ बुलंद करती रही है और आगे भी विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
परिषद ने महाविद्यालय प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जनभागीदारी शुल्क में शीघ्र कमी नहीं की गई, तो विद्यार्थियों के हित में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन एवं जनभागीदारी समिति की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला संयोजक मलय साहू के साथ गौतम साहू, नवीन साहू, निखिल, अमित कुमार, केसरी नंदन निर्मलकर, नागेश, प्रमोद साहू, हिमांशु टंडन, ओम प्रकाश, रागिनी, समीर, नागेश दास सहित एबीवीपी के कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।




