केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर के कुलपति के अमर्यादित व्यवहार पर कार्रवाई की माँग

राष्ट्रपति को सौंपा गया पत्र, साहित्यकार के अपमान का मामला
बिलासपुर | 10 जनवरी 2026 गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर के कुलपति द्वारा किए गए अमर्यादित एवं असंवैधानिक आचरण को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। इस संबंध में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर कुलपति के विरुद्ध उचित कार्रवाई एवं पदमुक्त किए जाने की माँग की है।
पत्र में उल्लेख है कि दिनांक 07 जनवरी 2026 को गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर के हिंदी विभाग एवं साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक राष्ट्रीय साहित्य परिसंवाद के दौरान कुलपति द्वारा मर्यादाओं का उल्लंघन किया गया। कार्यक्रम का विषय “समकालीन हिंदी कहानी और बदलते जीवन संदर्भ” था, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों से साहित्यकार एवं शिक्षाविद् शामिल हुए थे।
आरोप है कि परिसंवाद के दौरान कुलपति ने निर्धारित मुख्य विषय से हटकर चर्चा प्रारंभ कर दी। जब आमंत्रित साहित्यकार श्री मनोज रूपड़ा द्वारा मूल विषय पर बोलने का अनुरोध किया गया, तो कुलपति नाराज़ हो गए और अमर्यादित व्यवहार करते हुए उन्हें मंच से कार्यक्रम छोड़कर बाहर जाने के लिए कह दिया। यह कृत्य न केवल एक साहित्यकार का अपमान है, बल्कि एक कुलपति जैसे गरिमामय पद की गरिमा के भी सर्वथा विपरीत है।
विधायक देवेंद्र यादव ने अपने पत्र में कहा है कि इस प्रकार का व्यवहार गुरु घासीदास जैसे प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल करता है तथा राज्य और केंद्र सरकार की साहित्य एवं संस्कृति के प्रति संवेदनशील सोच के विरुद्ध है।
उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि इस गंभीर प्रकरण को संज्ञान में लेकर कुलपति के विरुद्ध उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए तथा उन्हें पदमुक्त किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।




