बलौदाबाजार आगजनी प्रकरण: छत्तीसगढ़ क्रांति सेना प्रमुख अमित बघेल गिरफ्तार, बोले – यह पूरी तरह राजनीतिक षड्यंत्र

बलौदाबाजार, 14 जनवरी 26। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में 10 जून 2024 को कलेक्टर एवं एसपी कार्यालय में हुई आगजनी की घटना को लेकर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में आज बलौदाबाजार पुलिस ने जोहार छत्तीसगढ़ एवं छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल को रायपुर केंद्रीय जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर सीजेएम न्यायालय में पेश किया। हालांकि, घटना के करीब 19 माह बाद की गई इस गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।
गिरफ्तारी के बाद अमित बघेल ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनका आगजनी कांड से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि घटना के दिन वे एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में मौके पर उपस्थित थे, लेकिन हिंसा या आगजनी में उनकी कोई भूमिका नहीं रही। अमित बघेल ने इसे कांग्रेस और भाजपा सरकारों का संयुक्त षड्यंत्र बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के बढ़ते जनाधार से घबराकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
वहीं, जोहार छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रवक्ता चंद्रकांत यदु ने कहा कि सरकार चाहे जितनी भी कार्रवाई कर ले, संगठन डरने वाला नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले समय में इस कार्रवाई का जवाब लोकतांत्रिक और मजबूती के साथ दिया जाएगा।
अब तक की घटनाओं का क्रम
15 मई: गिरौदपुरी धाम से लगभग 5 किलोमीटर दूर मानाकोनी बस्ती स्थित बाघिन गुफा में धार्मिक प्रतीक जैतखाम को देर रात क्षतिग्रस्त किया गया।
16 मई: सुबह घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की।
17 मई: पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की।
19 मई: मानाकोनी बस्ती में समाज के लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चक्का जाम किया।
19 मई: पुलिस ने बिहार निवासी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में नल-जल योजना से जुड़े विवाद का हवाला दिया गया।
20 मई: समाज की बैठक में गिरफ्तार आरोपियों को गलत बताते हुए आंदोलन की रूपरेखा तय की गई।
21 मई: दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
08 जून: कलेक्टर की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।
09 जून: उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने न्यायिक जांच के निर्देश दिए।
10 जून: प्रशासन की अनुमति से आयोजित एक दिवसीय प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ गई और कलेक्टर-एसपी कार्यालय में आगजनी की घटना हुई। इस मामले में अब तक सैकड़ों लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
आगजनी प्रकरण को लेकर जांच और कानूनी प्रक्रिया फिलहाल जारी है, वहीं हालिया गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।




