संस्था में निवासरत अब तक कुल 17 बालकों को मिला पालन पोषण देखरेख परिवार

जांजगीर-चांपा, 30 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे के निर्देशन तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अनीता अग्रवाल के मार्गदर्शन में संस्था में निवासरत अब तक कुल 17 बच्चों को पालन पोषण देखरेख परिवार से जोड़ा गया।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री गजेन्द्र सिंह जायसवाल ने बताया कि जिले में संचालित बाल देखरेख संस्था में निवासरत एक बालिका को पालन-पोषण देखेरख परिवार जिला कोरबा नियमानुसार अस्थायी आदेश पर सपुर्द किया गया है। परिवार द्वारा पालन-पोषण हेतु जिला बाल संरक्षण अधिकारी दुर्ग को आवेदन किया गया था, जिसे दुर्ग की जिला बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा जिले में स्थानांतरित किया गया। परिवार के समस्त दस्तावेजों जैसे नवीनतम फोटोग्राफ, आधार कार्ड, जन्म तिथि हेतु कक्षा दसवीं का प्रमाण पत्र, मेडिकल, निवास, विवाह प्रमाण पत्र, प्रतिष्ठित व्यक्तियों के संदर्भ पत्र, पुलिस सत्यापन, टीडीएस (आय प्रमाण पत्र) एवं पेन कार्ड का अवलोकन किया गया। सभी दस्तावेज सही पाए जाने पर बालक व परिवार की मैचिंग प्रक्रिया कराई गई। जहां बच्चे द्वारा परिवार के साथ रहने की इच्छा जाहिर की गई एवं परिवार द्वारा भी बालक को अपने साथ पालन-पोषण देखरेख हेतु ले जाने की सहमति दी गई। इसके पश्चात संस्था में संरक्षण प्राप्त 01 बालिका को पालन-पोषण परिवार को संरक्षण हेतु आदेश पारित किया गया।
उक्त कार्यवाही में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री गणेश प्रसाद शर्मा, सदस्य श्री देव प्रसाद बर्मन, श्री तपोधन सिंह सिसोदिया, श्रीमती अनुराधा शुक्ला, श्रीमती आरती यादव, प्रभारी संरक्षण अधिकारी (गैर संस्थागत देखरेख) ज्योति मिश्रा, परामर्शदाता श्री प्रजेश कुमार शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता श्री पुष्पेन्द्र कुमार मरकाम, श्री विष्णु कुमार श्रीवास परियोजना समन्वयक चाइल्ड हेल्पलाइन, सहायक सह कम्प्यूटर ऑपरेटर श्री खगेश कुमार पटेल, श्री शिवनंदन सिंह मरकाम आउटरीच वर्कर, सुश्री सविता साव तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी (फॉस्टर केयर) सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस इन अल्टरनेटिव केयर (इंडिया) कार्यालय जिला बाल संरक्षण इकाई जिला बिलासपुर (छ.ग.) का विशेष सहयोग रहा।




