छत्तीसगढ़सक्ती

सफलता की कहानी, श्रीमती रामेश्वरी बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

महतारी वंदन की राशि से शुरू किया स्वरोजगार, हर माह कमा रहीं 10 से 12 हजार रुपये

सक्ती, 10 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक संबल और आत्मनिर्भरता का नया मार्ग खोल रही है। विकासखण्ड मालखरौदा अंतर्गत ग्राम अमलीडीह की निवासी श्रीमती रामेश्वरी के जीवन में भी यह योजना उम्मीद की किरण बनकर आई है। श्रीमती रामेश्वरी ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपए की राशि को उन्होंने नियमित रूप से जमा किया। बाद में इस बचत राशि को अपनी पहले की बचत के साथ मिलाकर लगभग 35 हजार रुपए में कपड़ा बुनने की मशीन लगवाई तथा एक सिलाई मशीन भी खरीदी। इसके माध्यम से उन्होंने घर से ही कपड़ा बुनाई और सिलाई का कार्य प्रारंभ किया। आज इस कार्य से उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 से 12 हजार रुपए तक की आय होने लगी है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष से वे यह कार्य कर रही हैं। उनके इस प्रयास से ग्राम अमलीडीह की अन्य महिलाएं भी प्रेरित हो रही हैं और उनसे बुनाई का कार्य सीख रही हैं। श्रीमती रामेश्वरी ने बताया कि इस व्यवसाय से होने वाली आय और महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि को मिलाकर वे अपने घर-परिवार को आर्थिक सहयोग दे पा रही हैं। इससे बच्चों के पालन-पोषण और पढ़ाई के खर्च में भी मदद मिल रही है, जिससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। उन्होंने आगे बताया कि भविष्य में महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि को थोड़ा-थोड़ा जोड़कर अपने इस व्यवसाय को और बड़ा बनाने की योजना है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को न केवल आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि यह योजना उन्हें आत्मनिर्भर बनने और अपने जीवन को बेहतर बनाने की प्रेरणा भी दे रही है।

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