छत्तीसगढ़जांजगीर-चांपापामगढ़

सड़क निर्माण की मांग पर आंदोलन उग्र: अनशनकारी की बिगड़ी तबीयत, गड्ढे में उतरकर ग्रामीण ने किया सांकेतिक स्नान

तीसरे दिन एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, 3 जुलाई को चक्का जाम की चेतावनी; मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी

पामगढ़। डोंगाकोहरौद से बलौदाबाजार एवं रायपुर को जोड़ने वाली वर्षों से जर्जर सड़क के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। आमरण अनशन और धरना प्रदर्शन के तीसरे दिन आंदोलनकारियों ने पामगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के माध्यम से कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन को अंतिम चेतावनी दी। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो 3 जुलाई को सुबह 10 बजे से पामगढ़-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर चक्का जाम किया जाएगा।

अनशनकारी की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में कराया गया भर्ती

आंदोलन के दौरान बुधवार देर रात आमरण अनशन पर बैठे एक युवक की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सूचना मिलते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा उसे तत्काल अस्पताल ले जाकर उपचार कराया। इस घटना के बाद आंदोलन स्थल पर मौजूद ग्रामीणों में चिंता का माहौल बन गया। आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते उनकी मांगों पर गंभीरता दिखाई होती, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

गड्ढे को बताया ‘तालाब’, सड़क पर बैठकर किया सांकेतिक स्नान

गुरुवार सुबह आंदोलन ने नया और अनोखा रूप ले लिया। एक ग्रामीण ने बारिश के पानी से भरे सड़क के गहरे गड्ढे में बैठकर सांकेतिक स्नान किया। प्रदर्शनकारी ने कहा कि सड़क की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि अब यह सड़क कम और तालाब ज्यादा दिखाई देती है। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

तीसरे दिन भी जारी रहा धरना, प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप

धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण डटे रहे। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि तीन दिनों से आमरण अनशन जारी होने के बावजूद प्रशासन ने सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। केवल स्वास्थ्य परीक्षण और औपचारिकताएं पूरी कर मामले को टालने का प्रयास किया जा रहा है।

ज्ञापन में दी चक्का जाम की चेतावनी

कलेक्टर के नाम सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने स्पष्ट उल्लेख किया है कि यदि 3 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे तक सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई शुरू नहीं होती, तो समस्त ग्रामवासी पामगढ़-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर चक्का जाम करेंगे। इसकी सूचना प्रशासन को पूर्व में ही दे दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

15 वर्षों से बदहाल सड़क, हर दिन हादसों का खतरा

ग्रामीणों के अनुसार डोंगाकोहरौद-बलौदाबाजार मार्ग पिछले लगभग 15 वर्षों से बदहाल है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में सड़क की स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित होता है।

मांग पूरी होने तक आंदोलन रहेगा जारी

आंदोलनकारियों ने दो टूक कहा है कि जब तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जाता और वर्षों से लंबित मुआवजा विवाद का समाधान नहीं होता, तब तक आमरण अनशन, धरना प्रदर्शन और चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से जनहित को प्राथमिकता देते हुए तत्काल सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!