अंबिकापुर/बलरामपुरछत्तीसगढ़

बॉक्साइट विवाद में आदिवासी की मौत, SDM करुण डहरिया पर हत्या का गंभीर आरोप

खेत से लौट रहे ग्रामीणों की कथित पिटाई, दो अन्य गंभीर घायल — क्षेत्र में तनाव

अंबिकापुर/बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कुसमी में पदस्थ एसडीएम करुण डहरिया एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। बॉक्साइट से लदे ट्रक को रोकने के संदेह में ग्रामीणों के साथ की गई कथित मारपीट के दौरान एक आदिवासी बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस मामले में एसडीएम सहित उनके सहयोगियों पर हत्या का आरोप लगाया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुसमी क्षेत्र के मगाजी गांव के समीप लंबे समय से अवैध बॉक्साइट उत्खनन और परिवहन को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच तनाव बना हुआ था। रविवार की रात हंसपुर के पास ग्रामीणों ने बॉक्साइट से लदा एक ट्रक रोक लिया। इसकी सूचना मिलने पर एसडीएम करुण डहरिया, नायब तहसीलदार पारस शर्मा सहित प्रशासनिक दल मौके पर पहुंचा।

इसी दौरान खेत से लौट रहे रामनरेश राम (62), अजीत उरांव (60) और आकाश अगरिया (20) को ट्रक रोकने का संदेह जताते हुए रोका गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तीनों ग्रामीणों के साथ पाइप और डंडों से बेरहमी से मारपीट की गई। गंभीर रूप से घायल रामनरेश राम को कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अजीत उरांव और आकाश अगरिया का इलाज जारी है।

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने कुसमी और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस ने एसडीएम करुण डहरिया, नायब तहसीलदार पारस शर्मा सहित अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने बिना किसी ठोस प्रमाण के ग्रामीणों पर कार्रवाई की, जिससे निर्दोष आदिवासी की जान चली गई। इस घटना से आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है। विभिन्न संगठनों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, न्यायिक जांच और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।

इस बीच एसडीएम करुण डहरिया को लेकर पुराने मामलों की भी चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि वे पूर्व में एक हत्या के मामले में जेल जा चुके हैं और बाद में एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बाद भी उन्हें जेल जाना पड़ा था। इन तथ्यों के सामने आने के बाद प्रशासनिक नियुक्तियों को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रशासन की ओर से फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी होने की बात कही जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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