
समर्थकों ने निकाली रैली, घड़ी चौक तक हुआ भव्य स्वागत; बलौदाबाजार हिंसा मामले में मिली है जमानत
रायपुर 23 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के अध्यक्ष एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के सुप्रीमो अमित बघेल बुधवार को रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा होकर बाहर आए। उनकी रिहाई के बाद समर्थकों और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। जेल परिसर के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने नारेबाजी, पुष्पवर्षा और आतिशबाजी के साथ उनका स्वागत किया।
रिहाई के बाद सेंट्रल जेल से घड़ी चौक तक विशाल रैली निकाली गई, जिसमें छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के अनेक नेता, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। पूरे मार्ग में समर्थकों ने अमित बघेल का गर्मजोशी से स्वागत किया।
गौरतलब है कि अमित बघेल बलौदाबाजार हिंसा प्रकरण में पिछले कई महीनों से न्यायिक हिरासत में थे। उन्हें 17 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। न्यायालय द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुसार उन्हें लगभग तीन माह तक रायपुर जिले की सीमा से बाहर रहना होगा।
क्या है मामला?
10 जून 2024 को बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में जैतखाम में हुई तोड़फोड़ के विरोध में एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया था, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए थे। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान मंच से दिए गए कथित भड़काऊ भाषणों के बाद भीड़ उग्र हो गई और बैरिकेड्स तोड़ते हुए कलेक्टोरेट एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में प्रवेश कर गई।
आरोप है कि हिंसक भीड़ ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, कलेक्टोरेट भवन सहित कई वाहनों में आगजनी की तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों पर पथराव एवं लाठी-डंडों से हमला किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसी मामले में अमित बघेल सहित अन्य आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई थी।




