अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर पामगढ़ में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, बालिकाओं को सुरक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों की दी गई जानकारी

जांजगीर-चांपा। अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस (11 अक्टूबर) के अवसर पर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत 9 अक्टूबर 2026 को सावित्रीबाई फुले शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पामगढ़ में बालिकाओं के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अनिता अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, अधिकारों एवं आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सखी वन स्टॉप सेंटर जांजगीर, शिक्षा विभाग तथा एकीकृत बाल विकास परियोजना पामगढ़ के संयुक्त सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम में बालिकाओं को शिक्षा के महत्व, समान अवसर, महिला अधिकार, लैंगिक समानता तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही बाल विवाह के दुष्परिणामों, हिंसा, शोषण, उत्पीड़न एवं भेदभाव से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई। डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के महत्व को समझाते हुए सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने तथा व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखने की सलाह दी गई।
सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम ने महिलाओं एवं बालिकाओं को हिंसा की स्थिति में मिलने वाली सहायता, परामर्श, कानूनी सहयोग तथा केंद्र की विभिन्न सेवाओं की जानकारी दी। बालिकाओं को आपात स्थिति में सहायता के लिए महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एवं आपातकालीन सेवा 112 के उपयोग के बारे में बताया गया। इसके अलावा किशोरावस्था में भावनात्मक बदलाव, सकारात्मक सोच, व्यक्तिगत स्वच्छता, पौष्टिक आहार एवं स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर भी मार्गदर्शन दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती शिल्पा दुबे, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गौरी छोटू जांगड़े, परियोजना पामगढ़ की पर्यवेक्षक श्रीमती योग्यता तिवारी एवं श्रीमती ममता पटेल, सखी वन स्टॉप सेंटर जांजगीर की केंद्र प्रशासक सुश्री एच. निशा खान, परामर्शदाता श्रीमती सरस्वती सोनी, पैरालीगल वकील श्रीमती अंजली बंदे, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, किसी भी समस्या की स्थिति में सहायता लेने तथा शिक्षा और आत्मविश्वास के बल पर आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया गया। आयोजन का उद्देश्य बालिकाओं के लिए सुरक्षित, स्वस्थ, समान एवं उज्ज्वल भविष्य की दिशा में जागरूकता बढ़ाना रहा।



