बच्चे बीमार पड़े, लेकिन वही समूह अब भी किचन में SDM–BEO की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल

पामगढ़, 6 फरवरी 26। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल, पामगढ़ में मध्याह्न भोजन खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने की गंभीर घटना के बाद भी प्रशासन की निष्क्रियता चौंकाने वाली है। कई दिन बीत जाने के बावजूद न तो दोषी स्व-सहायता समूह को हटाया गया है और न ही उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की गई है। हैरानी की बात यह है कि जिस समूह पर बच्चों को बीमार करने का आरोप है, वही समूह आज भी विद्यालय में भोजन बना रहा है।
22 जनवरी को परोसे गए मध्याह्न भोजन के बाद कई बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और कमजोरी की शिकायत हुई थी। बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ में भर्ती कराना पड़ा, जहां फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताई गई थी। यह घटना सीधे तौर पर भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था की पोल खोलती है।
सूत्रों के अनुसार यह भी सामने आया है कि भोजन तैयार करने वाला समूह बिना वैध फूड लाइसेंस के बच्चों को खाना परोस रहा था। इसके बावजूद SDM और BEO स्तर पर अब तक कोई ठोस प्रशासनिक आदेश जारी नहीं हुआ है। न सेवा समाप्त की गई, न समूह को स्कूल परिसर से हटाया गया और न ही कोई दंडात्मक कार्रवाई दिखाई दी।
सबसे गंभीर पहलू यह है कि जिस लापरवाही के कारण बच्चे अस्पताल तक पहुंचे, उसी व्यवस्था को बिना किसी रोक-टोक के अब भी जारी रखा गया है। इससे अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि अगर प्रशासन समय रहते कठोर कदम नहीं उठाता तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है।
बच्चों की सेहत से जुड़ा यह मामला अब प्रशासनिक ढिलाई और उदासीनता का प्रतीक बनता जा रहा है, जहां SDM और BEO की निष्क्रियता के कारण एक गंभीर घटना के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं।




