छत्तीसगढ़जांजगीर-चांपा

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: श्री लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर खरौद में श्रद्धा और स्वाभिमान के साथ मनाया गया, सांसद सहित जनप्रतिनिधि हुए शामिल

सोमनाथ मंदिर भारतीय संस्कृति की अटूट शक्ति, आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक -सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े

जांजगीर-चांपा, 11 मई 2026। “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व – अटूट आस्था के 1000 वर्ष” के उपलक्ष्य में गुजरात के सोमनाथ में आयोजित राष्ट्रीय शिखर कार्यक्रम के अवसर पर जिले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल श्री लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर, खरौद में आज भव्य एवं श्रद्धामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अतिथियों एवं नागरिकों ने भगवान श्री लक्ष्मणेश्वर महादेव का विधि विधान से पूजा अर्चना की। इस दौरान सोमनाथ से प्रसारित राष्ट्रीय शिखर कार्यक्रम का वर्चुअल माध्यम से आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जांजगीर-चांपा लोकसभा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, पूर्व संसदीय सचिव श्री अम्बेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता मिरी, नगर पंचायत खरौद अध्यक्ष श्री गोविंद यादव, उपाध्यक्ष श्री महेश्वर प्रसाद यादव, नवागढ़ जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शांता मनमोहन कश्यप, पामगढ़ नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गौरी जांगड़े, शिवरीनारायण नगर पंचायत अध्यक्ष श्री राहुल थवाईत, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती संतोषी सिंह रात्रे, श्री गुलाब सिंह चंदेल, श्री चंद्रकांत तिवारी, कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, वनमंडलाधिकारी श्री हिमांशु डोंगरे, पामगढ़ एसडीएम सहित जनप्रतिनिधिगण, पार्षदगण, गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

जांजगीर-चांपा लोकसभा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व भारत की संस्कृति, आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारतीय संस्कृति की अटूट शक्ति, श्रद्धा और पुनर्जागरण का प्रतीक है। इतिहास में अनेक आक्रमणों और चुनौतियों के बावजूद हमारी संस्कृति और आस्था को कभी समाप्त नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि जब से देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नेतृत्व संभाला है, तब से देशभर में धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं विकास को नई गति मिली है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व हमें अपनी संस्कृति, परंपरा और राष्ट्र गौरव को बनाए रखने की प्रेरणा देता है।

पूर्व संसदीय सचिव श्री अम्बेश जांगड़े ने संबोधित करते हुए कहा कि आज सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर कई बार आक्रमण किए गए तथा इसकी संपत्ति को लूटने और भारतीय संस्कृति को मिटाने का प्रयास किया गया था, लेकिन सोमनाथ मंदिर की आस्था और श्रद्धा कभी समाप्त नहीं हुई। सोमनाथ मंदिर भारतीय संस्कृति की अटूट आस्था, पुनर्जागरण और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है।

जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता मिरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए गर्व, सम्मान और सांस्कृतिक स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जिले के इस प्राचीन एवं ऐतिहासिक मंदिर परिसर में उपस्थित होकर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उद्बोधन सुनने का अवसर प्राप्त होना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को इतिहास में कई विदेशी आक्रमणों का सामना करना पड़ा, किंतु भारतीय संस्कृति सदैव अटूट और अमर बनी रही।

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