छत्तीसगढ़जांजगीर-चांपा

जिले के 5 विद्यालयों में शुरू होंगी वित्तीय प्रयोगशालाएं, विद्यार्थियों को खेल-खेल में मिलेगी बैंकिंग,बचत,निवेश और साइबर सुरक्षा की समझ

शिक्षकों को दिया गया दो दिवसीय प्रशिक्षण

जांजगीर-चांपा, 21 जून 2026। जिले के विद्यार्थियों को वित्तीय रूप से जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत जिले के पांच शासकीय विद्यालयों में वित्तीय प्रयोगशालाओं (फाइनेंशियल लैब) के संचालन एवं प्रभावी उपयोग के लिए आयोजित दो दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशिक्षित शिक्षकों ने वित्तीय प्रयोगशालाओं में संचालित होने वाली गतिविधियों का प्रदर्शन किया। वित्तीय प्रयोगशाला एक अभिनव शिक्षण पहल है, जहां विद्यार्थी खेलों, गतिविधियों, सिमुलेशनों तथा वास्तविक जीवन आधारित परिस्थितियों के माध्यम से वित्तीय साक्षरता, बैंकिंग, बीमा, बचत, निवेश, बजट निर्माण, उद्यमिता, उपभोक्ता जागरूकता एवं साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों को व्यवहारिक रूप से सीखते हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में कम आयु से ही जिम्मेदार वित्तीय व्यवहार, निर्णय क्षमता, समस्या समाधान कौशल तथा उद्यमशील सोच विकसित करना है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुभवात्मक एवं कौशल आधारित शिक्षण के उद्देश्यों के अनुरूप है।जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय अकलतरा, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय बलौदा, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पामगढ़, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बिर्रा तथा पीएम श्री विद्यालय नवागढ़ में वित्तीय प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं।

प्रशिक्षण दौरान कलेक्टर श्री महोबे तथा आईडीबीआई बैंक के क्षेत्रीय एवं जोनल स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों ने वित्तीय प्रयोगशाला का अवलोकन किया। प्रशिक्षित शिक्षकों ने विभिन्न खेलों, गतिविधियों, सिमुलेशनों, भूमिका-अभिनय एवं अनुभवात्मक शिक्षण मॉडलों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार विद्यार्थियों को वित्तीय विषयों की जटिल अवधारणाएं सरल, रोचक और व्यवहारिक तरीके से समझाई जा सकती हैं।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री महोबे ने कहा कि वर्तमान समय में वित्तीय साक्षरता एक आवश्यक जीवन कौशल बन चुकी है। वित्तीय प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं देंगी, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन में वित्तीय निर्णय लेने की समझ और क्षमता भी प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा कि खेल आधारित एवं सहभागितापूर्ण शिक्षण पद्धति विद्यार्थियों को भविष्य की आर्थिक चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करेगी। उन्होंने इस अभिनव पहल के सफल क्रियान्वयन के लिए आईडीबीआई बैंक, सी फॉर कॉमर्स तथा प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों को बधाई दी।

आईडीबीआई बैंक के अधिकारियों ने कहा कि यह परियोजना विद्यार्थियों में वित्तीय अनुशासन, बचत की आदत और आर्थिक समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा उन्हें भविष्य के लिए अधिक सक्षम बनाएगी।यह पहल आईडीबीआई बैंक की सीएसआर परियोजना के अंतर्गत संचालित की जा रही है, जिसका क्रियान्वयन संस्था सी फॉर कॉमर्स द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से किया गया है।

प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वित्तीय प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों के लिए सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक, सहभागितापूर्ण और प्रभावी बनाएंगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल समापन के साथ अब जिले के सभी पांचों विद्यालयों में स्थापित वित्तीय प्रयोगशालाएं नियमित शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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