राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन

भारतीय हाथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान, चांपा में प्रदर्शनी, फैशन शो एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
जांजगीर-चांपा, 07 अगस्त 2026। राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर भारतीय हाथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान, चांपा में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदर्शनी, फैशन शो, निबंध प्रतियोगिता, रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। साथ ही संस्थान के प्रथम, द्वितीय एवं अंतिम वर्ष में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने सभी शिल्पकारों एवं बुनकरों को राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन देश के बुनकरों, शिल्पकारों और उनकी समृद्ध परंपरा को सम्मान देने का अवसर है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस का संबंध स्वतंत्रता संग्राम के दौरान प्रारंभ हुए स्वदेशी आंदोलन से है, जिसने आत्मनिर्भरता और स्वदेशी उत्पादों के उपयोग का संदेश दिया। कलेक्टर ने कहा कि चांपा का कोसा पूरे विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे बुनकरों द्वारा निर्मित कम से कम एक कोसा या हाथकरघा उत्पाद का उपयोग अवश्य करें। इससे स्थानीय बुनकरों को प्रोत्साहन मिलेगा, उनकी आजीविका सशक्त होगी तथा “वोकल फॉर लोकल” अभियान को भी बढ़ावा मिलेगा।
कलेक्टर श्री महोबे ने कहा कि चांपा के बुनकरों के अथक परिश्रम और उत्कृष्ट कौशल के कारण यहां के कोसा वस्त्रों को देश-विदेश में विशेष पहचान मिली है। वर्तमान समय में बाजार एवं उपभोक्ताओं की बदलती मांग के अनुरूप पारंपरिक शिल्प और आधुनिक तकनीक का समन्वय आवश्यक है। इसी दिशा में संस्थान द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर ने कहा कि भारतीय हाथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान, चांपा को पुनर्जीवित एवं सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बाजार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे तथा आगामी तीन वर्षों में 900 से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय बुनकर एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
चांपा में विशेष कार्यक्रम का किया गया आयोजन
इसके साथ ही चांपा में कोसा सेवा केन्द्र, रायगढ़ द्वारा राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक जांजगीर श्री ब्यास कश्यप, पूर्व सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले, पूर्व विधायक श्री मोतीलाल देवांगन, कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे एवं पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय, कोसा सेवा केन्द्र रायगढ़ की सहायक संचालक श्रीमती अनिता धार्मिक सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बुनकर एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए प्रदर्शित उत्पादों की प्रशंसा की।
विधायक श्री ब्यास कश्यप ने कोसा बुनकरों एवं शिल्पकारों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके अथक परिश्रम और हुनर ने चांपा के कोसा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि बुनकरों की समृद्ध परंपरा हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे संरक्षित एवं प्रोत्साहित करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने सभी को राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए स्थानीय हाथकरघा उत्पादों के अधिकाधिक उपयोग का आह्वान किया।
पूर्व सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले ने सभी को राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चांपा का कोसा अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता, आकर्षक डिजाइन और बुनकरों के अद्भुत कौशल के कारण देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि इस गौरवशाली परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और स्थानीय उत्पादों को अधिक से अधिक अपनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। पूर्व विधायक श्री मोतीलाल देवांगन ने राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शासन द्वारा बुनकरों एवं शिल्पकारों के हित में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि अधिक से अधिक बुनकर इनका लाभ लेकर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। उन्होंने कहा कि हाथकरघा उद्योग प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम है।



