विधानसभा सत्र के बीच नगर पंचायत शिवरीनारायण के 7 कर्मचारी नेपाल भ्रमण पर, वायरल तस्वीरों से मचा बवाल; नियमों के पालन पर उठे बड़े सवाल

शिवरीनारायण। प्रदेश में विधानसभा सत्र के दौरान जहां शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्यालय में उपलब्ध रहने के निर्देश रहते हैं, वहीं नगर पंचायत शिवरीनारायण के सात कर्मचारियों के नेपाल भ्रमण पर जाने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। वायरल तस्वीरों में कर्मचारी नेपाल के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर घूमते और समूह में फोटो खिंचवाते दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरें सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगा है कि आखिर विधानसभा सत्र के दौरान एक साथ इतने कर्मचारी मुख्यालय छोड़कर विदेश कैसे पहुंच गए?
जानकारी के अनुसार नेपाल भ्रमण पर जाने वालों में लेखापाल पूजा साहू, सफाई दरोगा दीपक साहू, सहायक राजस्व निरीक्षक उत्तम बंजारे, सहायक राजस्व निरीक्षक रविन्द्र साहू, भृत्य मधु मानिकपुरी, प्लेसमेंट कम्प्यूटर ऑपरेटर विकास शुक्ला तथा नगर पंचायत कर्मचारी बजरंग यादव शामिल बताए जा रहे हैं। इन सभी की नेपाल यात्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसके बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
विधानसभा सत्र के दौरान सामान्यतः शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के मुख्यालय छोड़ने पर विशेष सतर्कता बरती जाती है। विदेश यात्रा के लिए भी सक्षम प्राधिकारी से अनुमति और विधिवत अवकाश स्वीकृति आवश्यक होती है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सभी कर्मचारियों ने नियमानुसार अवकाश लिया था? क्या विदेश यात्रा के लिए आवश्यक प्रशासनिक अनुमति प्राप्त की गई थी? और क्या एक साथ सात कर्मचारियों के मुख्यालय से बाहर रहने से नगर पंचायत का काम प्रभावित नहीं हुआ?
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों के बाद लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे कर्मचारियों को बेहतर कार्य के लिए मिला प्रोत्साहन बता रहे हैं, वहीं बड़ी संख्या में लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि विधानसभा सत्र जैसे संवेदनशील समय में एक साथ कई कर्मचारियों का विदेश भ्रमण पर जाना क्या प्रशासनिक दृष्टि से उचित है? लोगों का कहना है कि यदि इस दौरान कोई आकस्मिक स्थिति उत्पन्न होती तो जिम्मेदारी कौन निभाता?
इस पूरे मामले में नगर पंचायत शिवरीनारायण के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) कन्हैया लाल निर्मलकर ने सफाई देते हुए कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अवकाश स्वीकृत किया गया था। उनके अनुसार सभी कर्मचारी नेपाल भ्रमण पर जाना चाहते थे, इसलिए उन्हें अवकाश दिया गया और नगर पंचायत के नियमित कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए पहले से आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई थीं।
हालांकि, तस्वीरें वायरल होने के बाद अब पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है। सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यालय छोड़ने और विदेश यात्रा से जुड़े शासन के सभी नियमों एवं आवश्यक अनुमतियों का पूरी तरह पालन किया गया था या नहीं। यदि सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी की गई हैं तो स्थिति स्पष्ट हो जाएगी, लेकिन यदि किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी सामने आती है तो प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई से इनकार नहीं किया जा सकता।




