प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना: पामगढ़ में 545 रसोइयों को मिला सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन तैयार करने का प्रशिक्षण

पामगढ़। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं विद्यालयों में बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और पौष्टिक मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकासखंड पामगढ़ के 545 रसोइयों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, पामगढ़ में दो पालियों में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्टर श्री जन्मजय महोबे एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री अशोक सिन्हा के निर्देशन तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री रामेंद्र जोशी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर श्री राकेश सोनी, सुचिता भोसले एवं श्री जयराम सारथी ने योजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान की।
प्रशिक्षकों ने बताया कि प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराकर कुपोषण को कम करना, विद्यालयों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना, नामांकन एवं ठहराव की दर बढ़ाना, अध्ययन के प्रति रुचि विकसित करना तथा बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं सामाजिक समानता को बढ़ावा देना है।
प्रशिक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन संचालन में प्रधान पाठक, विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) एवं रसोइयों की भूमिका और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। सप्ताहवार निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन तैयार करने, संतुलित आहार तथा कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज लवण एवं जल जैसे आवश्यक पोषक तत्वों के महत्व की जानकारी दी गई।
रसोई की स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए रसोइयों को साफ-सुथरे वस्त्र एवं एप्रोन पहनकर, सिर ढककर भोजन बनाने, भोजन बनाने से पहले साबुन से हाथ धोने, नाखून स्वच्छ रखने तथा अस्वस्थ होने की स्थिति में भोजन तैयार नहीं करने के निर्देश दिए गए। साथ ही खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण, स्वच्छ पेयजल, रसोई प्रबंधन एवं भोजन वितरण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की भी जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में खाद्य सुरक्षा प्रोटोकॉल, जल गुणवत्ता परीक्षण, पर्यावरण संरक्षण, आपातकालीन चिकित्सा तैयारी, सुरक्षा एवं प्रवेश नियंत्रण सहित विषम परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली आवश्यक कार्यवाही पर भी विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। जनप्रतिनिधियों एवं पालकों की सहभागिता बढ़ाने के लिए ‘न्योता भोजन’ कार्यक्रम के प्रभावी संचालन पर विशेष बल दिया गया।
रसोइयों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया गया कि भोजन को जानबूझकर दूषित करने जैसी किसी भी घटना पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के टोल-फ्री नंबर, शिकायत निवारण व्यवस्था, आवश्यक अभिलेखों के संधारण तथा मोबाइल एप के माध्यम से विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत ऑनलाइन मॉनिटरिंग एवं नियमित प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री रामेंद्र जोशी ने कहा कि “स्वस्थ रसोई, स्वस्थ बच्चा, स्वच्छ भोजन, स्वस्थ जीवन” की संकल्पना को प्रत्येक विद्यालय में प्रभावी रूप से लागू करना आवश्यक है। उन्होंने सभी रसोइयों से खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के निर्धारित मानकों का पूर्ण पालन करते हुए बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में मास्टर ट्रेनर श्री जयराम सारथी ने सभी अधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं उपस्थित रसोइयों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया।




