पामगढ़-डोंगाकोहरौद-भिलौनी मार्ग निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

पामगढ़। पामगढ़-डोंगाकोहरौद-भिलौनी मुख्य मार्ग की जर्जर स्थिति एवं लगातार हो रही दुर्घटनाओं से नाराज ग्राम डोंगाकोहरौद (भिलौनी) एवं क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पामगढ़ के माध्यम से कलेक्टर जांजगीर-चांपा तथा थाना प्रभारी पामगढ़ को ज्ञापन सौंपकर 29 जून से शांतिपूर्ण आमरण अनशन, धरना-प्रदर्शन एवं जल सत्याग्रह आयोजित करने की अनुमति मांगी है।
ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन में बताया गया है कि पामगढ़-डोंगाकोहरौद-भिलौनी मुख्य मार्ग लंबे समय से अत्यंत जर्जर अवस्था में है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं तथा आमजन को आवागमन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर पूर्व में कई बार शिकायतें एवं ज्ञापन प्रशासन को सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि मार्ग पर लगातार भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इससे स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों एवं आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में सड़क पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति समस्या को और गंभीर बना देती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर लगातार उपेक्षा के कारण अब उन्हें लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ज्ञापन के अनुसार 29 जून से डोंगाकोहरौद स्थित लीला मंडली चौक में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन, धरना-प्रदर्शन एवं जल सत्याग्रह प्रारंभ किया जाएगा, जो सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ होने अथवा प्रशासन द्वारा ठोस आश्वासन दिए जाने तक जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन को आश्वस्त किया है कि प्रस्तावित आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण, अहिंसात्मक एवं अनुशासित रहेगा तथा इससे यातायात अथवा सार्वजनिक व्यवस्था में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न नहीं होने दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने शीघ्र सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कराने एवं प्रस्तावित आंदोलन हेतु आवश्यक अनुमति प्रदान करने की मांग की है। ज्ञापन पर क्षेत्र के अनेक ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी दर्ज हैं।




