
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की अनुमति मिलने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थकों में उत्साह का माहौल है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे अपने आंदोलन की पहली बड़ी सफलता बताया है। समर्थकों का कहना है कि दिल्ली पुलिस से प्रदर्शन की अनुमति मिलना उनकी मांगों को लेकर बढ़ते जनसमर्थन और लोकतांत्रिक संघर्ष की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। CJP समर्थकों का कहना है कि उनका आंदोलन शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है और वे अपनी बात लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा तथा सभी प्रतिभागी कानून-व्यवस्था का सम्मान करेंगे।
इस बीच, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके दिल्ली पहुंच चुके हैं। एयरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद वे सुरक्षा व्यवस्था के बीच निजी वाहन से रवाना हुए। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक उनके स्वागत के लिए मौजूद रहे।
अभिजीत दीपके ने अपने समर्थकों से संसद मार्ग थाने न आने और सीधे जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि संगठन का शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन सुबह 10 बजे से शुरू होगा। जारी संदेश में उन्होंने कहा, “सभी समर्थक सीधे जंतर-मंतर पहुंचें। संसद मार्ग थाने आने की आवश्यकता नहीं है। हमारा उद्देश्य अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाना है।”
प्रदर्शन को लेकर जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में युवा जंतर-मंतर पहुंचने लगे हैं और समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार, फिलहाल मीडिया के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। क्षेत्र में आने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है तथा पहचान सत्यापन के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग भी की गई है।
प्रदर्शन में शामिल लोग तिरंगा और डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की तस्वीरें लेकर पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि वे शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज लोकतांत्रिक तरीके से बुलंद करना चाहते हैं। वहीं, पुलिस और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।




