
पामगढ़। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर-चांपा के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग तथा सचिव मनोज कुमार कुशवाहा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य लोगों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों एवं उपलब्ध विधिक सेवाओं के प्रति जागरूक करना था।
शिविर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी एवं अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति पामगढ़ श्रीमती शीलू केसरी ने कहा कि तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक है। इसके कारण कैंसर, मानसिक विकार सहित कई गंभीर एवं जानलेवा बीमारियां जन्म लेती हैं। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, जागरूक और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
श्रीमती केसरी ने नशा प्रभावित व्यक्तियों के लिए उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता, विधिक सेवाओं, लोक अदालतों एवं समाधान कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि चेक बाउंस मामलों के शीघ्र निराकरण के लिए 18 जुलाई और 21 नवंबर 2026 को विशेष लोक अदालतों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों, स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों तथा नशामुक्त जीवन के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। अंत में उपस्थित सभी लोगों को तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की शपथ दिलाई गई।
इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ की बीएमओ डॉ. रश्मि डाहिरे, डॉ. सुशील सूर्यवंशी, डॉ. लक्की सोनी, शशि साहू, शीतला, केशव, पीएलवी गजानंद प्रसाद कश्यप, नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी सहित स्वास्थ्य विभाग एवं विधिक सेवा समिति के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन नशामुक्त समाज के निर्माण और जनजागरूकता बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।




