प्रधानमंत्री आवास योजना: संघर्षों से भरे जीवन को मिला सम्मान और सुरक्षा का घर

पीएम आवास योजना ग्रामीण से बदली सीताबाई की जिंदगी
जांजगीर-चांपा 18 मई 2026। हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसके पास अपना पक्का घर हो, जहां परिवार के साथ सम्मान और सुकून से जीवन बिताया जा सके। शासन की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने ऐसे ही अनगिनत सपनों को साकार किया है। इसी पहल ने विकासखंड पामगढ़ के ग्राम पंचायत कोसला निवासी श्रीमती सीताबाई पटेल के जीवन में भी नई उम्मीद और खुशियां ला दीं। एक समय ऐसा था जब सीताबाई का परिवार जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। बारिश का मौसम में छत से टपकता पानी, कमजोर दीवारें और परिवार की सुरक्षा की चिंता हर दिन उन्हें परेशान करती थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे अपने घर की मरम्मत तक नहीं करा पा रहे थे।
वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत उन्हें आवास स्वीकृत हुआ और शासन से 1.20 लाख रुपये की सहायता मिली। इसके बाद उनके सपनों का घर धीरे-धीरे आकार लेने लगा। मेहनत और उम्मीदों से बना यह पक्का घर आज उनके परिवार के लिए सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास का प्रतीक बन चुका है। अब सीताबाई अपने नए घर में परिवार के साथ सुरक्षित और सुकूनभरा जीवन जी रही हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से मिले गैस कनेक्शन, महतारी वंदन योजना की सहायता और मनरेगा मजदूरी ने उनके जीवन को और अधिक सुविधाजनक और सम्मानजनक बना दिया है। श्रीमती सीताबाई पटेल कहती हैं कि यह घर केवल ईंट और सीमेंट से बना मकान नहीं, बल्कि उनके संघर्ष, मेहनत और सपनों का साकार रूप है। वे इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हृदय से आभार व्यक्त करती हैं।




