जांजगीर-चांपा

गांव-गांव में मनाया गया विश्व पर्यावरण दिवस, अमृत सरोवर स्थलों में किया गया पौधरोपण

महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत 5 से 12 जून तक स्वच्छ हरित ग्राम सप्ताह के तहत विभिन्न गतिविधियां

जांजगीर चांपा :- कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के निर्देशन एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गोकुल कुमार रावटे के मार्गदर्शन में जिले की ग्राम पंचायतों एवं अमृत सरोवर के पास विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई। इस दौरान विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर ग्राम पंचायतों के नागरिकों, हितग्राहियों, मनरेगा श्रमिकों को पर्यावरण से संबंधित गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए प्रोत्साहित किया गया। अमृत सरोवर किनारे सामूहिक प्रयास से विश्व पर्यावरण दिवस समारोह को सफल बनाने के लिए ग्राम पंचायतों में विभिन्न आयोजन भी किये गये।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत जनपद पंचायत अकलतरा की ग्राम पंचायत कोटगढ़, पड़रिया, कटनई में अमृत सरोवर के किनारे ग्रामीणों ने पौध रोपण कर पर्यावरण को संरक्षित करने का एक संदेश दिया। इसके लिए अलावा ग्राम पंचायत बिरकोनी में ग्रामीणों ने संकल्प के साथ पौधरोपण करते हुए उनकी सुरक्षा का जिम्मा उठाया। जनपद पंचायत बलौदा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कोसमंदा, बगडबरी, जाटा, कमरीद, रैनपुर, औराईकला, नवापारा ब, अंगारखार, पुरैना में निर्मित अमृत सरोवरों में पौधरोपण किया गया। इस दौरान ग्रामवासियों को पर्यावरण के बारे में जानकारी देते हुए पौधे का वितरण भी किया गया। जनपद पंचायत बम्हनीडीह के अंतर्गत ग्राम पंचायत पोड़ीकला, खपरीडीह जनपद पंचायत नवागढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत केवा, जनपद पंचायत पामगढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत ससहा सहित सभी विकासखंडों के विभिन्न ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर किनारे ग्रामवासियों ने पौधरोपण किया गया।

इसके साथ ही अमृत सरोवर स्थलों पर वृक्षारोपण अभियान के अलावा सफाई गतिविधियां, जल संरक्षण एवं जैव विविधता के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। जल निकायो के कायाकल्प एवं जीर्णाेद्वार के सकारात्मक प्रभावों को भी प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत गावों में पर्यावरण प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए 5 जून से 12 जून तक स्वच्छ हरित ग्राम सप्ताह का आयोजन भी किया जा रहा है। इस दौरान भू-जल को रिचार्ज करने एवं जल भराव को लंबे अवधि तक रोकने में सोक पिट का निर्माण करने प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा वर्मी कम्पोस्ट, नाडेप पिट से जैविक कचरे को पोषक तत्व के रूप में जैविक खाद बनाने, कचरे से कम्पोस्ट खाद, अपशिष्ट पदार्थों का पुनः उपयोग एवं गैर-बायोडिग्रेडबेल कचरे का रिसायकलिंग के लिये प्रोत्साहित किया जाएगा।

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