
नई दिल्ली/तेहरान। वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा सामान्य रूप से खोलने को लेकर सहमति बनती दिख रही है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार दोनों देश पहले मौजूदा सीजफायर को 60 दिनों के लिए आगे बढ़ाने पर सहमत हो सकते हैं। इसी अवधि में होर्मुज स्ट्रेट को चरणबद्ध तरीके से फिर खोला जाएगा।
रिपोर्ट में मध्यस्थों और बातचीत से जुड़े सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अगर यह समझौता सफल होता है तो दुनिया भर में पैदा हुआ तेल और ईंधन संकट काफी हद तक कम हो सकता है।
30 दिनों में पहले जैसी हो सकती है स्थिति
ईरान ने संकेत दिए हैं कि अगले 30 दिनों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जहाजों की आवाजाही युद्ध से पहले जैसी सामान्य हो सकती है। यानी जिन मार्गों पर तनाव और सुरक्षा कारणों से असर पड़ा था, वहां फिर से नियमित व्यापारिक गतिविधियां शुरू हो सकेंगी।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापार मार्गों में शामिल है। यहां से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर वैश्विक बाजार काफी हद तक निर्भर करता है। हालिया तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय शिपिंग, सप्लाई चेन और तेल कीमतों पर गंभीर असर पड़ा था।
ट्रंप ने समझौते के संकेत दिए
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि अमेरिका, ईरान और क्षेत्र के कुछ अन्य देशों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता लगभग तय हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस डील में होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना भी शामिल है और इसका औपचारिक ऐलान जल्द किया जा सकता है।
भारत समेत दुनिया को मिलेगी राहत
होर्मुज स्ट्रेट सामान्य होने की संभावना को भारत सहित कई देशों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से आता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह सामान्य हो जाता है तो वैश्विक बाजार में तेल आपूर्ति स्थिर होगी, ईंधन कीमतों पर दबाव कम होगा और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।




