रेत परिवहन को लेकर राहौद के नायब तहसीलदार फिर चर्चा में, पुराने विवादों के बीच नए आरोपों से बढ़ी हलचल

पामगढ़। राहौद के नायब तहसीलदार चंद्रकांत चंद्रवंशी एक बार फिर रेत परिवहन से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा में हैं। क्षेत्र में उनकी कार्यशैली को लेकर विभिन्न आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
गौरतलब है कि पूर्व में तत्कालीन एसडीएम देवेंद्र चौधरी के कार्यकाल के दौरान पामगढ़ तहसील कार्यालय के सामने रेत परिवहन कर रही एक हाईवा को रोकने को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हुई थी। उस समय मामले ने काफी तूल पकड़ा था और तहसील कार्यालय से जुड़े कर्मचारियों को जिला कार्यालय तलब किए जाने की भी चर्चा रही थी। इसके बाद भी क्षेत्र में रेत परिवहन से जुड़े मामलों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेत परिवहन के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का दावा है कि एक बाबू के फोन-पे खाते के माध्यम से राशि का लेन-देन किया जाता है। वहीं यह भी चर्चा है कि कथित रूप से कुछ लोगों को पामगढ़ स्थित भवानी पेट्रोल पंप एवं भाचा पान ठेला में राशि छोड़ने के लिए कहा जाता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
इसी बीच 6 जून की रात शिवरीनारायण क्षेत्र में रेत परिवहन कर रहे हाईवा वाहनों के विरुद्ध हुई कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं हैं।
जब इस संबंध में राहौद के नायब तहसीलदार चंद्रकांत चंद्रवंशी से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि वह उक्त रात शिवरीनारायण नहीं गए थे और पामगढ़ में मौजूद थे। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी बाबू द्वारा फोन-पे के माध्यम से राशि ली गई है तो इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
वहीं पामगढ़ तहसीलदार अमरनाथ श्याम ने कहा, “यदि इस प्रकार की कोई गतिविधि हुई है तो यह गलत है। मैं जानकारी लेकर मामले की जांच करवाता हूं।”
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। स्थानीय नागरिकों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने तथा दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं।




