
पामगढ़। ग्राम पंचायत झिलमिली में सियासी घमासान अब खुलकर सामने आ गया है। पंचायत के 12 पंचों ने एकजुट होकर सरपंच राजकुमारी बंजारे के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। सभी पंच अनुविभागीय अधिकारी (SDM) कार्यालय पहुंचे और विधिवत प्रस्ताव सौंपा।
पंचों ने सरपंच पर विकास कार्यों में लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत में स्वीकृत कई योजनाएं अधूरी पड़ी हैं, निर्माण कार्यों की गति बेहद धीमी है और पारदर्शिता का अभाव साफ दिखाई देता है। साथ ही, सवाल उठाने वाले जनप्रतिनिधियों को दबाने की कोशिश भी की जाती रही है।
ग्राम सभा से शुरू हुआ विवाद बताया जा रहा है कि हाल ही में आयोजित ग्राम सभा में भी इन मुद्दों को लेकर तीखी बहस हुई थी। ग्रामीणों और पंचों ने खुलकर असंतोष जताया, जिसके बाद मामला अब अविश्वास प्रस्ताव तक पहुंच गया है।
ग्रामीणों में नाराजगी, बदलाव की मांग तेज गांव के लोगों में भी सरपंच के कार्यकाल को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और समस्याओं के समाधान में लापरवाही से वे लगातार परेशान हैं।
बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम एक साथ 12 पंचों का सरपंच के खिलाफ खड़ा होना पंचायत के इतिहास में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। यदि अविश्वास प्रस्ताव पारित होता है, तो पंचायत की सत्ता में बड़ा बदलाव संभव है।
प्रशासन की भूमिका अहम अब इस पूरे मामले में SDM और जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि सरपंच अपनी कुर्सी बचा पाती हैं या पंचायत में नया नेतृत्व सामने आता है।
पंचों का दो टूक संदेश “गांव के विकास से कोई समझौता नहीं होगा, अब बदलाव जरूरी है।”




