
सक्ती। जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे के बाद अब प्रशासन और राजनीति दोनों स्तरों पर हलचल तेज हो गई है। 14 अप्रैल 2026 को बॉयलर यूनिट में तकनीकी खराबी के कारण हुए हादसे में 34 श्रमिक प्रभावित हुए, जिनमें से 12 की मौत हो गई, जबकि कई घायल श्रमिकों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने तत्काल मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिन्हें 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में हादसे के कारण, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका, सुरक्षा मानकों की स्थिति और भविष्य में रोकथाम के उपायों की विस्तृत पड़ताल की जाएगी।
इधर, इस गंभीर हादसे को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी भी सक्रिय हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर 10 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है, जिसमें पूर्व मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल हैं। यह समिति घटनास्थल का दौरा कर पीड़ितों, उनके परिजनों और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर एक साथ हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। जहां प्रशासन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है, वहीं कांग्रेस भी इस मुद्दे को लेकर सक्रिय नजर आ रही है।
हादसे के बाद क्षेत्र में शोक के साथ-साथ आक्रोश का माहौल बना हुआ है और अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे सच्चाई सामने आ सके।




