
बिलासपुर। सिद्धांशु मिश्रा, जिलाध्यक्ष–शहर कांग्रेस, ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत वित्तीय बजट 2026 को प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं के विपरीत बताते हुए इसे घोर निराशाजनक करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट संकल्पों का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ को विकास की दौड़ में और पीछे ले जाने वाला बजट है।
सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि इस बजट में न तो खेतिहर किसानों के लिए कोई ठोस प्रावधान है, न ही मजदूरों और शहरी मध्यम वर्ग के लिए कोई राहत। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और रोजमर्रा की समस्याओं से जूझ रही जनता को इस बजट से कोई सीधा लाभ नहीं मिलता।
उन्होंने प्रदेश के बुनियादी ढांचे पर सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां देश के अन्य राज्य अपने प्रमुख शहरों को मेट्रो सिटीज़ से जोड़ने और हवाई सेवाओं का विस्तार करने में लगे हैं, वहीं बिलासपुर एयरपोर्ट से उड़ानों में कटौती कर उसे बंद करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर एयरपोर्ट की अधोसंरचना के लिए मात्र 80 करोड़ रुपये का प्रावधान स्थानीय जनता के साथ छल के समान है।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि प्रदेश की जीडीपी को 6.30 लाख करोड़ से बढ़ाकर 7.10 लाख करोड़ करने और राजकोषीय घाटे को घटाकर 2.87 प्रतिशत करने के दावे केवल कागजी जुमले हैं। इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सरकार के पास कोई ठोस कार्ययोजना नहीं है। शेष बचे ड्राई डे समाप्त कर आबकारी राजस्व बढ़ाना और प्रदेश की जल–जंगल–जमीन उद्योगपतियों को सौंपकर खर्च चलाने की नीति सरकार की विफलता को दर्शाती है।
उन्होंने प्रति व्यक्ति आय में 10.07 प्रतिशत वृद्धि के संकल्प को भी अविश्वसनीय बताते हुए कहा कि यह उसी तरह का जुमला है, जैसा पहले किसानों की आय दोगुनी करने का वादा था। एआई और स्टार्टअप को बढ़ावा देने की बात भी केवल दिखावा है; वास्तविकता में यह बजट हवा में खड़ा किया गया एक महल मात्र है।
अंत में सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट प्रदेश की संपदा को निजी हाथों में सौंपने, जनता की सुरक्षा से समझौता करने और किसानों व मध्यम वर्ग को भगवान भरोसे छोड़ देने वाला बजट है, जिसे कांग्रेस सिरे से खारिज करती है।




